थाम लो न जरा

अकेला खड़ा हूँ इन राहों पर,

तुम हाथ थाम लो न ज़रा।

भरे आँख अश्कों से मेरे,

हँसी होंठो पर भर दो न ज़रा।

आँखे बंद करके देखो!

दूर नीला आकाश नज़र आ रहा है,

हम तुम खड़े हैं किसी छोर पर,

और तुम्हारा दिल घबरा रहा है।

इसी घबराहट में,

तुम सांसों को और क़रीब कर लो न ज़रा…

भरे आँख अश्क़ों से मेरे…।

अब ज़रा आंखें खोलो!

क्या क्या तुम्हें दिखायी दे रहा है,

बरसता बादल प्यार की दुहाई दे रहा है,

दर्द भरा मेरा गीत सुनाई दे रहा है।

इसी दर्द में,

तुम थोड़ा और प्यार भर दो न ज़रा…

भरे आँख अश्कों…।

– तेजस

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चाहत

जब तू चाहे के मैं ना तुझे चाहू
तू ही बता दे फिर किसे चाहू।

तू ही ख़ुदा और तू ही इबादत
तेरी चाहत में और किसे चाहू।

चाहू ना मैं खुद को ना ये ज़माना
बस वो चाहे मुझे मैं जिसे चाहू।

अपनी चाहतो पर चले ना बस मेरा
तेरी चाहतों की मैं बंदिशे चाहू।

#तेजस

वज़ह

काश उनकी कोई ख़ता होती,

या किसी बात पर खफ़ा होती।

काश ! के वो बेवफ़ा होती,

उन्हें भूल जाने की कुछ तो वज़ह होती।

वो तो तड़प रही है मेरी यादों में,

छुप छुप कर रोती है रातों में।

अब ऐसे हाल में उन्हें तन्हा छोड़े कैसे,

जो बेताब है एक झलक के लिए,

उनसे हम मुँह मोड़े कैसे?

या रब कोई किसी से दिल का रिश्ता ना जोड़े,

जुड़ जाए तो जन्मों जनम तक कोई ना तोड़े।

गुलशन के दो फूल दो पल के लिए खिलते हैं,

इंद्रधनुष की तरह कुछ पल के लिए मिलते हैं।

इन दो पलों को सब मिलके सजाये,

आओ मोहब्बत के लायक़ एक दुनिया बनाये।

-तेजस

ये सुबह ये शाम

ये सुबह ये शाम गुजरती रहे,

लेकर मेरा नाम तू संवरती रहे।

भले ना रहना साथ हरपल मेरे,

बस हर शाम दो पल मिलती रहे।

बारिश में तेरा हाथ मेरे सीने में फिसलती रहे,

रह जाए हर ख़्वाब अधूरी लबों पे दिन संवरती रहे।

मचलती रहे मेरे नाम से ऐसा मेरा नशा हो तुझे,

रब ऐसी अदा दे मुझें उम्रभर तू प्यार करती रहे।

-तेजस

मोहब्बत की कहानी

मोहब्बत की थी शुरू हमनें धीमे कदम से,

डर- डर के लगते थे हम सीने सनम से।

एक दिन दरिया मे बारिश अथाह हो गई,

उस दिन उनसे मोहब्बत बेपनाह हो गई।

होंठों पे होंठ हाथों में हाथ था,

सीने में जोश आंखों में जज़्बात था।

एक हो गए दो ज़िस्म एक दूजे को पाने के लिए,

एक दूजे के लिए जीने, एक दूजे पर मर जाने के लिए।

फिर जुदा हो गए दोनों कुछ मजबूरी थी,

शायद ख़ुदा ने ही लिखी ये दूरी थी।

उनसे जुदा होके जाना जुदाई भी जरूरी थी,

इस दर्द के बिना आख़िर मोहब्बत अधूरी थी।

उनके बिना मेरा जीना बेहाल था,

उनके होंठों पे शिकवा और सवाल था।

पर अब और इंतजार नही होता

सुना है जुदाई का कोई क़रार नही होता।

हमनें उनसे कहा हमसे एक मुलाकात कर लो,

हमारी जिंदगी के ख़ातिर हमसे बात कर लो।

हम खड़े थे उनके इंतज़ार में मिलन की आस लिए,

अपनी आख़री उम्मीद और आख़री साँस लिए।

वो आयी नही उस दिन सुबह एक लाश पड़ी थी,

आँखों में लिये आँसू एक लड़की उदास खड़ी थी।

लाश मेरा नही मेरे प्यार का था,

उनकी मजबूर मोहब्बत और ऐतबार का था।

-तेजस

हम सनम – तेजस

तेरे इश्क़ मे बद्नाम हम सनम
हाय लूट गए सरेआम हम सनम

इत्ती सी आबरू थी वो भी ना रही
सरेबाज़ार हुए नीलाम हम …

न तुम आये ना आयी कोई ख़बर
जपते ही रहे तेरा नाम हम…

सब तुमपर ही है निर्भर तुम जानो
सौंप रहे ज़िन्दगी तमाम हम …

बैठे ही रहे हाथ पे धरे हाथ ‘तेजस’
लेते है सर पे ये इल्ज़ाम हम…

– तेजस ‘नीरा नंदन’

अधूरी बातें है – तेजस

फिर ऐसी रात हो कोई,
तुमसे मुलाक़ात हो कोई।

भीगता रहा हूँ आँसुओं से,
ख़्वाबो की बरसात हो कोई।

अधूरी बातें है अधूरे क़िस्से,
कभी तुमसे पूरी बात हो कोई।

सजा लिए दर्द अपने दामन मे,
खुशियों की सौगात हो कोई।

गीत बन अपने आप आते है,
ग़र दिल मे जज़्बात हो कोई।

#तेजस